Saturday, December 2, 2023

हमारी पहचान

भारत सदैव ही एक धर्म प्रधान देश रहा है. भारत में प्राचीनकाल से ही धर्म को सदैव सर्वोपरि रखा गया है. भारतीय साहित्य के आधार पर यह कहा जाता है कि भारत में आदिकाल से ही सनातम धर्म विद्यमान रहा है. सनातन धर्म में न उसका प्रारंभ है और न ही उसका अंत है.

कालांतर में भारत में भी कई प्रकार के धर्मो का आविर्भाव हुआ. इनमे से कुछ धर्म विदेशी है तो कुछ धर्म यहीं की परिस्थितियों के कारण पनपे है.

भारत की पहचान आज भी विविधता में एकता ही है. 

भारत में कई धर्म होने के बाद भी भारत आज समूचे विश्व के सामने एक रूप में खड़ा है. यही हमारी ताकत भी है. भारत अनादिकाल से ही धर्म प्रधान रहा है. भारत पूर्व में सनातन संस्कृति वाला देश रहा है. सनातन धर्म में भारत में ज्ञान का सर्वोच्च विकास हुआ. सनातन संस्कृति ने जो ज्ञान प्रकाश इस संसार को दिया है वो आज भी प्रकाशमान है. वहीँ कालांतर में भारत भूमि पर अनेकानेक संस्कृतियों का विकास हुआ. सभी का यहाँ पूरा सम्मान हुआ. सभी आपस में मिलकर एक नयी भारतीय संस्कृति के रूप में हम सबके सामने है.

भारत की यही विविधता आज समूचे विश्व के लिए एक आदर्श है.

No comments:

Post a Comment

मेरी बात

आज बस यूं ही जिंदगी ने फिर एक सवाल पूछ लिया "गलती किसकी" ? किसी का बुरा नहीं चाहना और न ही करना। फिर भी हमेशा बुरा बन जाना। खैर,...