Thursday, August 21, 2025
अब भोर हुई, अब भोर हुई
Monday, August 18, 2025
चिराग भुला दिए जाते हैं...
Saturday, August 16, 2025
कोशिशें बहुत की हमने
कोशिशें बहुत की हमने
उन्हें समझाने की,
पर उन्हें कहां कुछ समझना था।
कैसे बताते हाल-ए-दिल उन्हें,
उन्हें तो दुश्मनों से मिलना था ।।
ख्वाहिशों का दामन भी अब छूट चला है,
वो दोस्त भी अब मेरा रूठ चला है ।
न चाह कर भी एहसास तेरी दोस्ती का,
अब मेरा दिल छोड़ चला है ।।
यूं तो तेरी दोस्ती के लिए
समंदर भी कम था ।
फिर भी न जाने
तुझे क्या ग़म था ।।
नफरतों का आलम इतना गहरा हो गया,
कि हर एहसास उसमें डूब गया ।
गैरो से ज्यादा चोट अपनों ने दी,
हर रिश्ते से विश्वास उठ गया ।।
Wednesday, August 6, 2025
आजादी की ये खुली हवा
आजादी की ये खुली हवा,
यूं ही नहीं मिली है हमें...
न जाने कितने सर कटे हैं,
न जाने कितने घर लुटे हैं।
न जाने कितनी माएं रोई हैं,
न जाने कितनी जाने खोई हैं।।
वो वीर बड़े अलबेले थे,
भारत मां के सच्चे बेटे थे।
कर्ज दूध का चुका दिया,
देश पर सर्वस्व लूटा दिया।।
क्या वीर अभिमानी रहे हैं वो,
शत्रु से कभी न डरे है।
जब भी आन देश की रखनी हो,
जान अपनी सजाते थे।।
कतरा कतरा अपना देश को समर्पित कर दिया,
घमंड में चूर शत्रु को मिट्टी में मिला दिया।
भाग खड़ा हुआ शत्रु युद्ध के मैदान से,
इतना रौद्र रूप अपना दिखा दिया।।
ऐसे ही नहीं आया है ये दिन स्वतंत्रता का,
लहू से सिंचा है हर कतरा इस माटी का।
तीन रंगों में लिपटी है गाथा हर बलिदानी की,
शौर्य शांत और खुशहाली यही कथा है तिरंगे की।।
आओ आज शपथ उठाएं
मान न इसका कम होगा।
हमेशा नील गगन में
शान से लहराएगा यह तिरंगा।।
जय हिंद...
मेरी बात
आज बस यूं ही जिंदगी ने फिर एक सवाल पूछ लिया "गलती किसकी" ? किसी का बुरा नहीं चाहना और न ही करना। फिर भी हमेशा बुरा बन जाना। खैर,...
-
आजादी की ये खुली हवा, यूं ही नहीं मिली है हमें... न जाने कितने सर कटे हैं, न जाने कितने घर लुटे हैं। न जाने कितनी माएं ...
-
चिराग भुला दिए जाते हैं... हर नए सफर में कुछ परेशानियां होती है, कुछ पुराने लोग छूटते है और कुछ नए मिलते जाते हैं। सफर चाहे कठिन हो चाहे परि...
-
आज बस यूं ही जिंदगी ने फिर एक सवाल पूछ लिया "गलती किसकी" ? किसी का बुरा नहीं चाहना और न ही करना। फिर भी हमेशा बुरा बन जाना। खैर,...